Home Power Links Contact Us Hindi Site

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड टिहरी में कवि सम्मेलन का आयोजन

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड टिहरी में दिनांक: 26.04.2017 को एक हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. इस कवि सम्मेलन के प्रारंभ करने से पूर्व सुकमा में शहीद हुए हमारे वीर सैनिकों के सम्मान में शोक सभा की गई एवं दो मिनट का मौन रखा गया. इस कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर के कवि श्री भगवान मकरंद, श्री पी.के. आजाद, श्री चिराग जैन, श्री गजेन्द्र प्रियांशु, सुश्री मनीषा शुक्ला को आमंत्रित किया गया था. कवि सम्मेलन में सर्वप्रथम कवियों का भारतीय परंपरानुसार पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया तथा तत्पश्चात कवि सम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ अधिशासी निदेशक (टीसी), श्री पी.पी.एस. मान, महाप्रबंधक स्टेज-प्रथम, श्री मुहरमणि एवं श्रीमती रीता मणि, अपर महाप्रबंधक/ प्रभारी, पीएसपी, श्री के.पी.सिंह, अपर महाप्रबंधक, कार्मिक एवं प्रशासन, श्री सी. मिंज, हास्य कवि श्री भगवान मकरंद, सुश्री मनीषा शुक्ला एवं श्री चिराग जैन द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया. अधिशासी निदेशक (टीसी), श्री पी.पी.एस. मान ने सभी कवियों का स्वागत संबोधन के साथ टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के कार्मिकों को शत-प्रतिशत कार्य हिंदी में करने पर जोर दिया. साथ ही कहा कि हिंदी भाषा को हमें बढ़ावा देने के लिए हर स्तर पर विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ करनी चाहिए, जिसका एक चरण कवि सम्मेलन भी है. कवि चिराग जैन द्वारा मंच का संचालन किया गया एवं सर्वप्रथम श्रृंगार रस की कवियित्री सुश्री मनीषा शुक्ला को कवि सम्मेलन की शुरुआत करने के लिए सरस्वती वंदना हेतु आमंत्रित किया गया. सुश्री मनीषा शुक्ला द्वारा अपनी मधुर वाणी में सरस्वती वंदना गाकर सभी दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया. तत्पश्चात संचालक चिराग जैन, कवि ने गजेन्द्र प्रियांशु कवि को कविता गायन के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने अपनी प्रिय कविता को इस तरह व्यक्त किया जिसके बोल है-

“भोर का प्यार जब दोपहर हो गया

 भावना का भवन खंडहर हो गया

 

 

तुम संवरते संवरते हुए सैफई

मैं उजड़कर मुजफ्फरनगर हो गया”

  

साथ ही गजेन्द्र प्रियांशु द्वारा बीच में चुटकुलों एवं हास्य कविताओं के माध्यम से दर्शकों को खूब गुदगुदाया एवं वर्तमान में मनुष्य की जीने की शैली एवं गृहस्थ जीवन पर आधारित कविताओं के माध्यम से उपस्थित जनों को यह संदेश दिया कि आज लोगों की जीवन जीने की कला किस प्रकार है एवं अपना गृहस्थ जीवन किस प्रकार बिताते हैं. हास्य कवि डॉ. भगवान मकरंद ने हाल ही में छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा जिले में नक्सलवादियों द्वारा जांबाज सैनिकों पर नक्सली हमला किया गया पर आधारित कविता पाठ के माध्यम से दर्शाया गया.

“ किस किस की हम करें बुराई

 आप कहेगें निंदा है, सुकमा के इन हत्यारों से हम

सचमुच शर्मिंदा हैं वीर सिपाही जांबाजों की निर्मम हत्या करते जो

लानत है वो अब तक कैसे इस भारत में जिन्दा है”

 

पर दर्शकों के मन में उन अमर शहीद वीर सैनिकों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट होने के साथ दुश्मनों के प्रति आक्रोश की भावना उजागर हो रही थी. कवि भगवान मकरंद द्वारा देश के वर्तमान परिद्रश्य नोट बंदी एवं देश के राजनेताओं पर खूब तंज कसे.

कवि पी.के. आजाद द्वारा अपनी कविताओं को इस रूप मै व्यक्त किया गया,

 

“ कभी ये प्यार बोलेगी कभी अंगार बोलेगी

मगर जब भी बोलेगी सदा सच यार बोलेगी

यही तलवार है मेरी इसी से जंग लडनी है

जरूरत जब पड़ेगी लेखनी की धार बोलेगी:

 

जैसी कविता से माँ सरस्वती का वास अपने ऊपर बयाँ करके इस अंदाज में व्यक्त किया.

    कवि चिराग जैन ने अपनी कविताओं के माध्यम से उपस्थित दर्शकों को खूब हँसाया. कभी ख़ुशी कभी गम जैसे भाव कवि चिराग जैन ने व्यक्त किये.

“ गमों का दौर है आफत जान है लेकिन

 

कुछ ऐसा रंग चढ़े रंग और हो जाये

फिर एक बार बहारों पर नूर आया है

चलो कि फिर से ठहाकों का दौर हो जाये”

 

      कवि चिराग जैन द्वारा विभिन्न हास्य एवं श्रृंगार रस जैसी कविताओं से दर्शकों को ऐसा गुदगुदाया एवं भाव विभोर किया कि दर्शक देर रात तक कविताओं

 

 

को सुनने के लिए पंडाल में बैठे रहे. उपस्थित दर्शकों द्वारा सभी कवियों के द्वारा दी गई प्रस्तुतियों की सराहना की गई. इस अवसर पर महाप्रबंधक केएचईपी,

श्री पी.के. अग्रवाल, श्रीमती पूनम अग्रवाल, उप-महाप्रबंधक, कार्मिक एवं प्रशासन श्री बी.के.सिन्हा,  उप-महाप्रबंधक, विद्युत/ आई टी, श्री नितिन गुप्ता उप-महाप्रबंधक, वित्त, श्री ए.के. गर्ग, उप-महाप्रबंधक, सीएसआर, श्री अमर दीप, उप-महाप्रबंधक ओ.एंड एम्, श्री आर.आर. सेमवाल, उप-महाप्रबंधक, हा. यांत्रिक, श्री एच.के. जिंदल, वरिष्ठ प्रबंधक , कार्मिक एवं प्रशासन, श्री नेल्सन लकरा, श्री सी.बी.दुबे,  वरिष्ठ प्रबंधक, बी.सी.एम्., श्री अनिल त्यागी, प्रबंधक विधि, श्री डी.पी. भट्ट., श्री बी.एस. मल्ल, उप-प्रबंधक, कार्मिक एवं प्रशासन श्री पी.के स्वाई, श्री मनोज राय, श्री डी.एस. राव, श्रीमती नीरज सिंह, श्री नरेश सिंह, श्री सु-रेश सहित टीएचडीसी के कार्मिक एवं उनके परिवार के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे. इस कार्यक्रम का संचालन उप प्रबंधक, हिंदी, श्री इन्द्रराम नेगी एवं वरिष्ठ जन संपर्क अधिकारी, श्री मनबीर सिंह नेगी द्वारा किया गया.

 

 
             
Site Designed & Developed by IT Department, THDC India Limited