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सेवा-टीएचडीसी के सहयोग से कोटेश्वर परियोजना क्षेत्र में चौथे निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन
कोटेश्वर परियोजना क्षेत्र में चौथे निःशुल्क नेत्र जांच शिविर के द्रश्य

रिम एरिया के ग्रामीणों की चिकित्सा की असुविधा को देखते हुऐ सेवा-टीएचडीसी के सहयोग से निर्मल आश्रम आई इन्स्टीट्यूट ऋषिकेश, ने नरेन्द्र नगर ब्लाक के, कोटेश्वर परियोजना क्षेत्र में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारम्भ (अपर महाप्रबन्धक) का.एवं प्रशा. कोटेश्वर श्री ए.के. श्रीवास्तव, उप महा प्रबन्घक (सामाजिक) श्री अमरदीप और निर्मल आश्रम के आई चिकित्सक डा. अरूज कुमार खुराना ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर सीएसआर युनिट टिहरी से जनसम्पर्क अधिकारी श्री यतबीर सिंह चौहान, कोटेश्वर बांध क्षेत्र के गणमान्य प्रतिनिधि परियोजना चिकित्सालय कोटेश्वर का स्टाफ एवं कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

शिविर में 119 पुरूष और 75 महीला मरीजो का पंज्जीकरण हुआ, जिनमें 17 पुरूष और 25 महिलाओं को नेत्र में विकार होने के उपरान्त शल्य चिकित्सा के लिए निर्मल आई इन्स्टीट्यूट ऋषिकेश ले जाया गया, शेष मरीजों को जांच के उपरान्त निःशुल्क दवाई भी वितरित की गयी।

उक्त मरीजो का शल्य चिकित्सा, दवाईयों और आवागमन का व्यय सेवा-टीएचडीसी द्वारा कारपोरेट सामाजिक दायित्व निर्वाहन के अन्तर्गत वहन किया जा रहा है। मरीजों को शल्य उपचार के बाद भी किसी भी प्रकार से दुवारा जांच की अवश्यकता होने पर संस्था द्वारा उन्हें ऩिःशुल्क सुविधा दी जा रही है।

 शिविर में कोटेश्वर घाटी के सौठियाल गांव, जखोली, पलाम, क्यारी, पेदार्स, कोटेश्वर, खाण्ड, कुल्पी, गुरयाली, गैरोगी सेरा, सलाण, सैड़, चाका, वैरोला, लवा किराड़ा, कैन्सूर, सौदाड़ी, अदाली आदि गांवों से ग्रामीणों ने शिविर से लाभ उठाया।

 ग्रामीणों के साथ शिविर में हुई चर्चा में आये विन्दु -

1- कैम्प आये ग्रामीणों को स्वास्थ्य के साथ-साथ विभिन्न सक्रांमक बीमारियों जैसे एड्स रोग, आंखों के रोग, गर्भवती महिलाओं को रोग से बचाव और उपाय की महात्वपूर्ण जानकारी दी गयी।

2- कोटेश्वर और चाका के बच्चे तकनीकी शिक्षा (कम्प्यूटर शिक्षा) से बंचित है, यह से छोटे से छोटे जरूरतो को पूरा करने के लिए गजा और नई टिहरी जाना पड़ता है सड़क मार्ग पर पर्याप्त यातायत की सुविधा नहीं है अधिक तर आवागमन पैदल है।

3- महिलाओं और युवतियों को स्वाभलम्बी बनाने के लिए जगरूकता कार्यक्रम की आवश्यकता है।

4- महिलाओं सशक्तिकरण के लिए सिलाई सेन्टर स्थापित करने लिए मांग की।

6- ग्रामीण लोग अधिकतर खेती पर निर्भर है, तथा यह पर पानी और कम पानी वाली दोनो फसलों को उगाया जाता है। 

 
             
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