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रिम एरिया के ग्रामीण किसानों का नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट हारवेस्टिंग टैक्नलौजी हर्टीकल्चर टेंनिग सेन्टर पुणे दौरा समपन्न।
किसानों के नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट हारवेस्टिंग टैक्नलौजी हर्टीकल्चर टेंनिग सेन्टर के द्रश्य

 कारपोरेट सामाजिक दायित्व निर्वाहन के अन्तर्गत सेवा-टीएचडीसी के माघ्यम से टीएचडीसी इ.लि. परियोजना से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के छोटे किसानों की अजीविका सुधार के संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए देश के जाने-माने संस्थान महाराष्ट्र राज्य पुणे जिले के तालेगांव, दवाड़े स्थित नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट हारवेस्टिंग टैक्नलौजी हार्टीकल्चर टेंनिग सेन्टर का 30 किसानों को दौरा करवा कर, उन्हें दिनांक 13.01.14 से 17.01.14 तक 05 दिवस का सधन प्रशिक्षण दिलवाया, जिसमें किसानों को Green House Construction, Climate Control, Green House Management, Irrigation & Fertigation, Crop Protection, Post Harvest & Marketing आदि विषयों पर संस्था के विशेषज्ञों ने अध्ययन, चलचित्र, presentation और पौली हाउस में तैयार कृषि के माध्यम से किसानों को जानकारियां उपलब्ध करवायी।

विशेषज्ञों ने किसानों को सरल और सहज विधियों से खेती की बारिकियों से रूबरू करवाया, जिसमें पौली हाउसों का निर्माण, उसके रखरखाव की विधियां, उसके अन्दर पैदा की जाने वाली फसल, पौध के अनुकुल मौसम का वातावरण बनाना, पौधशाला या फसल बोने से पहले मिट्टी की जांच, उसमें आवश्यक तत्वों की मिलावट, सिंचाई के साधनों की व्यवस्था, फसल के बुवाई का चक्र, बीजों का चयन के अलावा उनमें लगने वाली बीमारियों की रोकथाम की जानकारियां एवं कैसे पौधों से अधिक पैदावार ली जाय, इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी गयी, जो कि किसानों को बहुत ही उपयोगी थी। प्रमुख रूप से फूलों में गुलाव, जरवेरा, सूरजमूखी, टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, केला, सलाद पत्ता, फूल गोभी, बुरून्कली के अलावा औषाघीय पादप के उत्पादन की महात्वपूर्ण जानकारियां दी गयी।

प्रतानगर खोलगढ़ से आये प्रगतिशील कृषक श्री पृथ्बीपाल ने बताया कि यहां पर सेवा-टीएचडीसी द्वारा किसानों को लाया जाना बहुत ही उपयोगी लगा, हमें कृषि एवं वागवानी करने की कई नवीन तरीकों की जानकारियां मिली है जिसे मै अपनी खेती में अपनाऊंगा। इसी तरह थौलधार ब्लाक के छाम से आये कृषक श्री सुन्दर लाल आर्य ने बताया कि पारम्परिक खेती में इसी पद्वति को अपनाने से पैदावार और फसल की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा, जिससे की हमारी अजीविका को बढ़ाने में बहुत सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कोटेश्वर बांध क्षेंत्र, पुर्नवास क्षेत्र पशुलोक और भानियावाला के कृषक, जाखणीधार ब्लाक और भिंलगना ब्लाक की एक-एक महिला कृषकों ने भी भाग लिया। जाखणीधार ब्लाक से आयी कृषक श्रीमिति अनिता भट्ट ने कहा कि सेवा-टीएचडीसी के माध्यम से टीएचडीसी का यह बहुत ही सराहनीय कदम है, जिसमें की किसानों को इतनी महात्वपूर्ण जानकारियों को अपनी व्यवस्था के माध्यम से दे रहा है, निश्चय ही इससे किसानों को बहुत लाभ होगा। मै इस कार्य के लिए टीएचडीसी के प्रबन्धन बर्ग के लिए धन्यवाद देती हू जो इस तरह के कार्यक्रमों को बना कर ग्रामीण जनता की सेवा में तत्पर है।

किसानों को भोजन, आवास, प्रशिक्षण, आवागमन, कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाऐं एवं देखरेख श्री सुनील शाह वरिष्ठ प्रबन्धक (सामाजिक) +ऋषिकेश और श्री यतबीर सिंह चौहान जन सम्पर्क अधिकारी (सामाजिक)टिहरी द्वारा की गयी।

परियोजना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से आये किसानों को 10 जनवरी सांय काल ऋशिकेश अतिथि गृह में ठहरने की व्यवस्था की गयी थी जहां से 11 जनवरी को किसानों का जत्था पुणे बम्बई के लिए रवाना हुआ, 17 जनवरी सांयकाल को प्रशिक्षण की अवधि समाप्ति के उपरान्त 19 जनवरी रात्रि को ऋषिकेश पंहुचा और अतिथि गृह में रात्रि ठहरने के उपरान्त 20 जनवरी को अपने गन्तव्य गये।

 
             
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