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CSR के अन्तर्गत नरेन्द्रनगर ब्लाक के (खाडी) क्षेंत्र में नेत्र रोग जांच चिकित्सा शिविर का आयोजन

     सेवा-टीएचडीसी के तत्वाधान में निर्मल आईइस्टीट्यूट ऋषिकेश के सहयोग से खाड़ी में एक नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन 05 फरवरी 2014 को किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्मल आश्रम आई इस्टीट्यूट ऋषिकेश के नेत्र चिकित्सक डा.आसिफ खान एवं उप महाप्रबन्धक (सामाजिक) श्री अमरदीप ने संयुक्त रूप से किया।

     इस अवसर पर कारपोरेट सामाजिक दाियत्व इकाई टिहरी से जनसम्पर्क अधिकारी श्री यतबीर सिंह चौहान, निर्मल आश्रम आई इ. ऋषिकेश से संजय बर्तवाल, बी.एस.विष्ट, मुकेश रमोला, नरेश जोशी, चिकित्सा स्टाप मेजूद थे। शिविर के दौरान 142 मरीजो के आखों की जांच की गयी, जिनमें 74 मरीजों को आंख की शल्य चिकित्सा के लिए खाडी से निर्मल आई इस्टीट्यूट ऋषिकेश बस के माध्यम के लिए ले जाया गया। शिविर में आये अन्य मरीजों को चश्में और दवाईयां भी निःशुल्क वितरित की गयी। आंख की शल्य चिकित्सा के उपरान्त मरीजों को दो दिन बाद वापिस गन्तव्य में छोड़ दिया गया।

     कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सक्रामक रोगो के लक्षण एवं बचाव के बारे में भी जानकारी दी गयी, इसके अलावा सेवा-टीएचडीसी द्वारा रिम एरिया में किये जा रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी गयी।

     नेत्र चिकित्सा शिविर में जांच हेतु खांखर, टिपली, सुनार गांव, कोट, खाडी, थान, विडोन, रामपुर, कोटी, पाली, भण्डार गांव, पिपलेथ, चौपा, बसुई, चिड़ियाली, आमपाटा आदि गांव से ग्रामीण आये। जिनके साथ गांव से कई गणमान्य व्यक्ति एवं ग्रामीण जन प्रतिनिधि आये थे।

     शल्य चिकित्सा एवं शिविर स्थल टिहरी से ऋषिकेश और गन्तव्य तक का सभी व्यय टीएचडीसी के कारपोरेट सामाजिक निर्वाह के अन्तर्गत किया जा रहा है।

शिविर के दौरान ग्रामीणों के साथ एक बैठक की गयी, जिसमें निम्न विन्दुओं पर चर्चा हुई-

1- शिविर के दौरान वानकी एवं पर्वतीय कृर्षि विश्वविद्यालय रानीचौरी की इ. कीर्ति कुमारी ने ग्रामीणों को नवीन कृर्षि पद्वितियों के बारे में जानकारी दी।

2- उक्त संस्था के खाद्य प्रसस्करण विषय वस्तु विशेषज्ञ रिसर्च फेलो आलोक येवले ने भी फलों के उत्पादन, बीजो के संरक्षण और सब्जी उत्पादन पर जानकारियां दी।

3- ग्रामीणों ने उन्नत बीज के साथ-साथ कृर्षि विशेषज्ञों का भी सहयोग की मांग की।

4- शिविर में आयी महिलाओं ने स्वरोजगर प्रशिक्षण के तहत यहां पर चिन्नीदरी बुनाई के प्रशिक्षण दिये जाने की मांग की।

5- आंखो और सामान्य चिकित्सा शिविर आगे भी आयोजित किये जाने की मांग की।

6- कम्प्युटर प्रशिक्षण, सिलाई प्रशिक्षण, मोबाईल रिपेरियेरिंग प्रशिक्षण, होटल मैनेजमेंट कोर्स, एवं युवतियों हेतु व्यूटी पाल कोर्स दिये जाने का अनुरोध किया।

 
             
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