टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड व केन्‍द्रीय जल आयोग के मध्‍य समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड व केन्‍द्रीय जल आयोग के मध्‍य समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर

 

       ऋषिकेश- 02.08.2017 : टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड(टीएचडीसीआईएल)  ने केन्‍द्रीय जल आयोग  से डिजाइन सलाहकार के रूप में तकनीकी सेवाऐं प्राप्‍त करने के उद्देश्‍य से 25 जुलाई,  2017 को नई दिल्‍ली में समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किये। टीएचडीसीआईएल की ओर से अध्‍यक्ष एवं प्रबन्‍ध निदेशक श्री डी.वी. सिंह  तथा केन्‍द्रीय जल आयोग की ओर अध्‍यक्ष (WP&P) श्री एस. मसूद हुसैन ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किये। केन्‍द्रीय जल आयोग की ओर से परिचालनाधीन परियोजनाओं में सुदृढ़ तकनीकी प्रक्रियाओं को सुनिश्‍चित करने की उद्देश्‍य से यह एक महत्‍वपूर्ण कदम है।

 

     इस समझौते के अनुसार टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की निर्माणाधीन परियोजनाओं जैसे टिहरी पीएसपी (1000 मेगावाट), पीपलकोटी एचईपी (444 मेगावाट), ढुकवां लघु जल विद्युत परियोजना         (24 मेगावाट) तथा परिचालनाधीन परियोजनाओं जैसे टिहरी एचपीपी (1000 मेगावाट), कोटेश्‍वर एचईपी (400 मेगावाट) की तकनीकी प्रक्रियाओं, निर्माण विधियां, गुणवत्‍ता स्‍तर तथा सुरक्षा संबंधी पहलुओं की समीक्षा की जिम्‍मेदारी केन्‍द्रीय जल आयोग की होगी।

 

इस अवसर पर टीएचडीसीआईएल के अधिशासी निदेशक (डिजाइन) श्री आर.के. विश्‍नोई, उप प्रबन्‍धक (डिजाइन-सिविल) श्री अवकेश कुमार तथा केन्‍द्रीय जल आयोग की ओर से सदस्‍य (डी एंड आर) श्री एन.के. माथुर एवं मुख्‍य  अभियन्‍ता (डिजाइन) श्री शिवराजन सहित अनेक वरिष्‍ठ अधिकारी उपस्‍थित रहे।

 

         टिहरी व कोटेश्‍वर जल विद्युत परियोजनाओं तथा गुजरात के पाटन व द्वारका में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की कमीशनिंग के उपरांत टीएचडीसी की कुल संस्‍थापित क्षमता 1513 मेगावाट  हो गयी है। टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड देश का प्रमुख विद्युत उत्‍पादक संस्‍थान होने के साथ ही एक मिनी-रत्‍न (कटेग्री-प्रथम) व शेड्यूल दर्जा प्राप्‍त संस्‍थान है।

 
             
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