टीएचडीसी इंडिया लि0 व डिपार्टमेंट आफ इनर्जी, रायल गवर्नमेंट आफ भूटान के मध्य 24 जून,2010 को विदेश मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया । समझौते के अनुसार भूटान में 180 मेगावाट क्षमता की बुनाखा हाइड्रो इलैक्ट्कि प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report) को टीएचडीसी द्वारा अद्यतन किया जायेगा ।
समझौता ज्ञापन पर टीएचडीसी इंडिया लि0 के अध्यक्ष व प्रबन्ध निदेशक श्री आर.एस.टी.शाई तथा रायल गवर्नमेंट आफ भूटान के डायरेक्टर जनरल श्री येसी बांगडी (Shri Yeshi Wangdi) ने हस्ताक्षर किए । इस अवसर पर विदेश मंत्रालय, भारत सरकार में संयुक्त सचिव (उत्तरी) श्री सतीश सी. मेहता, टीएचडीसी के निदेशक (तकनीकी) श्री डी.वी.सिंह, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार में उप-सचिव सुश्री कल्याणी मिश्रा के साथ ही विदेश मंत्रालय व भूटान सरकार के अनेक अधिकारी उपस्थित थे ।बुनाखा परियोजना भारत सरकार के प्रयासों का एक भाग है जिसके अनुसार वर्ष 2012 तक भूटान में 10,000 मेगावाट जल विद्युत क्षमता का विकास किया जाना है ।
इसके अतिरिक्त टीएचडीसी को भूटान में बहुउदेशीय संकोश हाइड्रो इलैक्ट्कि प्रोजेक्ट 4060 मेगावाट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है । टीएचडीसी ने फयूनसोलिंग, ( Phuentsholing ) भूटान में एक पूर्ण कार्यालय स्थापित किया है और बुनाखा व संकोश परियोजनाओं पर कार्यालय स्थापित किया है ।
टीएचडीसी विद्युत क्षेत्र में पूर्ण स्थापित मिनी रत्न (Mini Ratna PSU ) कम्पनी है । यह टिहरी बांध परियोजना की कमीशनिंग करके विद्युत उत्पादन व उसके रख रखाव की जिम्मेदारी निभा रही है। कम्पनी निकट भविष्य में 400 मेगावाट क्षमता की कोटेश्वर हाइड्रो इलैक्ट्कि परियोजना की कमीशनिगं करके अपने विद्युत उत्पादन क्षमता में 400 मेगावाट और जोडने की ओर अग्रसर है ।
टीएचडीसी का उदेश्य है कि कारपोरेशन जल विद्युत परियोजना के क्षेत्र में भारत - भूटान के सहयोग में महत्वपूर्ण भागीदार बने ।