सेवा-टीएचडीसी, टिहरी परियोजना द्वारा अपने कारपोरेट सामाजिक दायित्व कार्यक्रम के तहत् बी0पी0एल0 परिवार के छात्र/छात्राओं के लिए निःशुल्क छः माह का कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम हाईफीड रानीचौरी व भारतीय तकनीकी शोध एवं विकास संस्था, नई टिहरी के माध्यम से करवाया गया है। उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम दिसम्बर, 2008 से शुरू किया गया था जिसके तृतीय बैंच का कार्यकाल दिसम्बर 2009 से जून 2010 है। तृतीय बैच का समापन समारोह दिनांक 24 जून, 2010 को नई टिहरी में आयोजित किया गया जिसके शुभ अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्य महाप्रबन्धक(परियोजनाएं) श्री ए0एल0शाह ने कहा कि गरीब परिवार के छात्र/छात्राओं के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण जारी रहेगा । श्री शाह ने कहा कि सेवा-टीएचडीसी, टिहरी के सामाजिक दायित्व कार्यक्रमों को और विस्तार देते हुए और नये-नये प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा। जिससे कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं को शत-प्रतिशत रोजगार मिल सके। अपर महाप्रबन्धक(का.एवं प्र.) श्री विजय गोयल ने कहा कि टीएचडीसी इण्डिया लि. अपने सामाजिक दायित्व कार्यक्रमों के तहत् गरीब परिवार के छात्र/छात्राओं के उत्थान के लिए नये-नये तकनीकी कार्यक्रमों को संचालित करवाने हेतु प्रयासरत है। जिससे कि बांध प्रभावित क्षेत्र के गरीब परिवार के छात्र/छात्राओं को इसका अधिक- से अधिक लाभ मिल सके। इस अवसर पर उप महाप्रबन्धक(कार्मिक एवं सी.एस.आर.) श्रीमती टी0 चन्दा बिस्वास ने अपने सम्बोधन में कहा कि सभी प्रक्षिण प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं ने पूर्ण लग्न एवं मेहनत से यह प्रशिक्षण प्राप्त किया जिसका की अच्छा परिणाम छात्र/छात्राओं द्वारा दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबन्धक(परियोजनाएं) द्वारा छात्र/छात्राओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, प्रसस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये। इस बैच में 16 छात्राएं एवं 21 छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में छात्र/छात्राओं द्वारा 80 प्रतिशत से 92 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किये जोकि बहुत ही अच्छा परीक्षा परिणाम है। मंच पर आसीन सम्मानीय पदाधिकारियों एवं पत्रकारों द्वारा परीक्षा परिणाम व छात्र/छात्राओं के जीवन में आये महत्वपूर्ण परिवर्तन के लिए इस कार्यक्रम को प्रशंसनीय बताया गया। प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में मुख्यतः डोस, विन्डो, एमएस वर्ड, एमएस एक्सल, पावर प्वाईट, इन्टरनेट ऑपरेटिंग ऑफिसियल ड्राफटिंग, कम्युनिकेशन स्किल, योगा, सामान्य ज्ञान आदि के माध्यम से छात्र/छात्रोंओं को इस स्तर तक विकसित किया कि वे भविष्य में रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त कर सके।
प्रथम व द्वितीय बैच में कुल 52 छात्र/छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया था जिसमें से ज्यादातर छात्र/छात्राएं अच्छी संस्थाओं(जैसे अशोक लिलेण्ड, हाईफीड कुछ दिल्ली व देहरादून में अच्छी संस्थाएं) में रोजगार प्राप्त कर चुकें हैं । कुछ छात्र/छात्रांए इसी क्षेत्र में शिक्षक/शिक्षिका हो गए हैं तथा कुछ में इतनी जागरूकता पाई गयी है कि वे एडबांस कोर्स कर रहे हैं।
वास्तव में सेवा टीएचडीसी टिहरी का मुख्य उद्देश्य उन कारणों को ढूंढना था जिसकी वजह से बी0पी0एल0 परिवार के छात्र/छात्राएं आगे पढ़ने व रोजगार प्राप्त करने में असमर्थ थे। क्योंकि उन छात्र/छात्राओं का मुख्य कारण गरीबी, पढ़ाई का वातावरण न मिलना व अनियमित दिनचर्या मुख्य है, इन सब कारणों का समाधान सेवा-टीएचडीसी, टिहरी के माध्यम से निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण, योगा, सामान्य ज्ञान, निःशुल्क आवास व भोजन, नियमित दिनचर्या, छात्रवृत्ति, उचित पढ़ाई का वातावरण आदि छः माह के लिए दिया गया है जोकि उन गरीब छात्र/छात्राओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण अवसर है तथा जिसका लाभ उन बच्चों को पूर्ण रूप से मिला है।
अतः बी0पी0एल0 परिवार के छात्र/छात्राओं को दिया गया निःशुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम एक बेहतर एवं सराहनीय योजना है, जिसमें सेवा-टीएचडीसी टिहरी के द्वारा किया गया सामाजिक दायित्व के तहत् व्यय का शत-प्रतिशत लाभ बी0पी0एल0 परिवारों को मिल रहा है।